अनन्या बिड़ला की कंपनी ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ लाएगी IPO, ₹3000 जुटाने का प्लान; जानें- क्या है कारोबार
कंपनी प्री-IPO राउंड में 300 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने पर भी विचार कर सकती है, जो नए इश्यू का ही एक हिस्सा है. इसलिए, अगर कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट करती है, तो यह रकम नए इश्यू के साइज से कम कर दी जाएगी.
Highlights
- नए इक्विटी शेयर जारी करके 1,500 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान.
- पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में इसकी CAGR ग्रोथ 38.18% रही है.
- कंपनी की पूरे भारत में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,253 ब्रांच हैं.
अनन्या बिड़ला की प्रमोटेड नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ ने IPO के जरिए 3,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए 13 अगस्त को SEBI के पास ‘रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ फाइल करके कैपिटल मार्केट का रुख किया है. कंपनी ने नए इक्विटी शेयर जारी करके 1,500 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव रखा है.
वहीं, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म एडवेंट इंटरनेशनल के कंट्रोल वाली वियोलिसिना (Violicina) और रेणुका रामनाथ की शुरू की गई प्राइवेट इक्विटी फर्म मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट, ‘ऑफर-फॉर-सेल’ के जरिए क्रमशः 1,064.8 करोड़ रुपये और 435.2 करोड़ रुपये के शेयर बेचेंगी.
कितनी है हिस्सेदारी?
अनन्या बिड़ला और उनकी फर्म एंटीमैटर मीडिया की इस माइक्रोफाइनेंस और हाउसिंग फाइनेंस लेंडर कंपनी में 59.97 फीसदी हिस्सेदारी थी. निवेशकों में वियोलिसिना के पास 28.02% शेयर हैं, जबकि मल्टीपल्स अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट की अपनी तीन स्कीमों के जरिए 11.45% हिस्सेदारी थी.
प्री-IPO राउंड
कंपनी प्री-IPO राउंड में 300 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने पर भी विचार कर सकती है, जो नए इश्यू का ही एक हिस्सा है. इसलिए, अगर कंपनी प्री-IPO प्लेसमेंट करती है, तो यह रकम नए इश्यू के साइज से कम कर दी जाएगी.
क्या करती है स्वतंत्र माइक्रोफिन?
स्वतंत्र माइक्रोफिन (Svatantra Microfin), जो अपनी सब्सिडियरी स्वतंत्र माइक्रो हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन के जरिए किफायती हाउसिंग फाइनेंस के साथ-साथ माइक्रोफाइनेंस लोन भी देती है, ने नए इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने टियर-1 कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए करने का प्रस्ताव रखा है. इससे भविष्य में कैपिटल की जरूरतों (जैसे आगे लोन देना) को पूरा किया जा सकेगा, जो बिजनेस और एसेट्स के बढ़ने से पैदा होती हैं.
कंपनी की ग्रोथ
यह कंपनी, जिसे 2011 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शुरू किया गया NBFC-MFI लाइसेंस सबसे पहले मिला था, मार्च 2026 तक 23,817.8 करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ काम कर रही है.
पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में इसकी CAGR ग्रोथ 38.18% रही है. कंपनी की पूरे भारत में 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,253 ब्रांच हैं और इसके लगभग 43.1 लाख उधारकर्ता (Borrowers) हैं.
वित्तीय प्रदर्शन
दूसरी सबसे बड़ी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी – माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन, स्वतंत्र माइक्रोफिन ने मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में 649.4 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के 445.4 करोड़ रुपये से 45.8 फीसदी अधिक है. इसी दौरान नेट इंटरेस्ट इनकम 30 फीसदी बढ़कर 1,920.3 करोड़ रुपये से 2,496.5 करोड़ रुपये हो गई.
स्वतंत्र माइक्रोफिन ने अपने IPO को मैनेज करने के लिए एक्सिस कैपिटल, अवेंडस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी और SBI कैपिटल मार्केट्स को चुना है.
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