Opening Bell: सेंसेक्स 200 अंक उछला, निफ्टी 23350 से ऊपर, एशियन पेंट्स में 2 फीसदी की बढ़त

Opening Bell: वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की संभावना को देखते हुए निफ्टी50 और सेंसेक्स में बढ़त हुई. कच्चे तेल की नरम कीमतें रुपये के लिए मुख्य सहारा बनी हुई हैं.

शेयर बाजार Image Credit: Money9 Live

Highlights

  • FIIs ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
  • विदेशी पोर्टफोलियो से पैसे की निकासी मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं.
  • कच्चे तेल की नरम कीमतें रुपये के लिए मुख्य सहारा बनी हुई हैं.

Opening Bell: दुनिया भर से मिले-जुले संकेतों के बीच, 23 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले और निफ्टी 23,350 के आसपास रहा.

सेंसेक्स 128.07 अंक या 0.17 फीसदी बढ़कर 74,657.15 पर और निफ्टी 39.60 अंक या 0.17 फीसदी बढ़कर 23,368.60 पर पहुंचा. लगभग 1,490 शेयरों में बढ़त हुई, 791 शेयरों में गिरावट आई और 161 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस, JSW स्टील और L&T शामिल थे, जबकि TCS, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, सिप्ला, HDFC बैंक और डॉ. रेड्डीज लैब्स के शेयरों में गिरावट देखी गई.

सेक्टोरल इंडेक्स

शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल में 1 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी आईटी और मीडिया में गिरावट आई.

रुपया मजबूत

बुधवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों और एशियाई मुद्राओं में सुधार के चलते रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे बढ़कर 95.57 पर पहुंच गया. फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि आगे चलकर करेंसी मार्केट की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से तय होगी.

कच्चे तेल की नरम कीमतें रुपये के लिए मुख्य सहारा बनी हुई हैं, जबकि अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने के बाद अमेरिकी मुद्रा का मजबूत होना और विदेशी पोर्टफोलियो से पैसे की निकासी मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं.

मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर कुछ राहत

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म ‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर ने कहा, ‘कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से व्यापक मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर कुछ राहत मिली है, खासकर भारत के लिए, क्योंकि वह आयातित ऊर्जा पर निर्भर है. हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली घरेलू शेयरों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, खासकर इसलिए क्योंकि पश्चिम एशिया में अनिश्चितता वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाल रही है.’

एशियाई बाजार का हाल

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी सकारात्मक दायरे में रहा, जबकि शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. मंगलवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए.

रिसर्च एनालिस्ट फर्म ‘HST वेल्थ’ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा, ‘रात भर के वैश्विक संकेतों से कोई स्पष्ट दिशा नहीं मिली. वॉल स्ट्रीट मिला-जुला बंद हुआ. टेक्नोलॉजी शेयरों ने नैस्डैक को सहारा दिया, जबकि डॉव गिरावट के साथ बंद हुआ.

कम हुआ दबाव

ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 98 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाने के बाद वापस 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत की महंगाई और बाहरी संतुलन पर कुछ दबाव कम हुआ है, लेकिन यह राहत भू-राजनीतिक तनाव के फिर से बढ़ने पर खतरे में पड़ सकती है.’

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. मंगलवार को सेंसेक्स 329.91 अंक या 0.44 फीसदी गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ. निफ्टी 85.30 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 23,329 पर बंद हुआ.

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